• Pravin Chalak

Origin Of Corona Virus

Media in China are reporting the results of a study by South China Agricultural University, who announced their discovery of a 99 percent genetic match between the new corona virus (2019-nCoV) and a strain of the virus found in pangolins.

Human infection with 2019-nCoV has potentially fatal consequences, with currently more than 600 fatalities out of tens of thousands of cases reported globally.

Suspicion as to the source of the outbreak has focused on a seafood market also illegally selling wildlife in the Chinese city of Wuhan, the epicentre of the outbreak. In response, authorities in China announced on January 26 a temporary ban on all wildlife trade in the country, with immediate effect.

Last week, a study published by Nature found the probable origin of the virus in bats. Such a link had previously been found to the viruses behind Severe Acute Respiratory Syndrome (SARS) and Middle East Respiratory Syndrome (Mers). In the case of SARS, Civets were identified as an intermediate host in the jump of the virus from bats to people.

Pangolins are considered the most widely trafficked mammal in the world. Trade involves all eight species, four of which are native to Africa and four in Asia. With reported steep declines in Asian populations, the animals have increasingly been trafficked from Africa to Asia where they are consumed as food and for their supposed medicinal properties. Pangolin scales in particular are believed by some to treat a range of ailments from problems with lactation in women through to asthma and skin conditions.

Evidence is mounting about the circumstances under which viruses are likely to mutate such that they gain the ability to cross the species barrier into humans, says TRAFFIC. These are basically unsanitary, cramped conditions where animals are kept in close proximity to each other and also to people. Such conditions are prevalent at poorly-regulated or illegal wildlife markets.


पिछले महीने भर से दुनिया के तमाम वैज्ञानिक इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि आखिर इंसान में आया कैसे? पहले कयास लगाए जा रहे थे कि ये वायरस इंसान में चिमकादडों से फैला है. लेकिन अब इस कयास को दरकिनार करते हुए चीन के एक शोध में खुलासा हुआ है कि इंसानों में कोरोना वायरस पैंगोलिन (Pengolin) से पहुंचा है. यह पहली बार है जब इस दुर्लभ जानवर से इंसानों में कोरोना वायरस फैलने का दावा किया जा रहा है.

वायरस का डीएनए 99% समान

चीन के साउथ चाइना एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का दावा है कि इंसान में पाए गए कोरोना वायरस का डीएनए पैंगोलिन में पाए जाने वाले डीएनए से 99% मैच कर रहा है. वैज्ञानिकों का दावा है कि इंसानों में कोरोना वायरस इस जानवर से आया है. इससे पहले कुछ वैज्ञानिकों के दावा किया था कि कोरोना वायरस चिमकादड से इंसानों में प्रवेश हुआ होगा. लेकिन शोध में पाया गया कि चिमकादड का डीएनए मात्र 80 प्रतिशत से भी कम मैच कर रहा था.

कैसा जानवर है पैंगोलिन

पैंगोलिन असल में दुनिया में दुर्लभ होता जा रहा है. स्तनधारी वन्यजीव है जो दिखने में अन्य स्तनधारियों से बिल्कुल अलग व विचित्र आकृति का जिसके शरीर का पृष्ठ भाग खजूर के पेड़ के छिलकों की भाँति कैरोटीन से बने कठोर व मजबूत चौड़े शल्कों से ढका रहता है. दूर से देखने पर यह छोटा डायनासोर जैसा प्रतीत होता है. पैंगोलिन कीड़े-मकोड़े और चींटी खाता है. चीनी शोध का कहना है कि किसी व्यक्ति द्वारा इस जानवर को खाने की वजह से ही कोरोना वायरस के इंसानों में प्रवेश की संभावना जताई जा रही है.

चिमकादड से नहीं फैल सकता कोरोना वायरस

वैज्ञानिकों का दावा है कि चिमकादडों में भी कोरोना वायरस पाया जाता है. लेकिन इनसे इंसान में वायरस के प्रवेश की संभावना बेहद कम है. जबकि पैंगोलिन से इंसान में वायरस घुसने की आशंका ज्यादा है. हालांकि अभी तक इस चीनी शोध को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मान्यता नहीं मिली है. लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि अगर ये चीनी वैज्ञानिकों का दावा सही साबित हुआ तो इस वायरस के टीके बनाने में जल्द सफलता मिल सकती है.

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